‘शुभ मंगल’ : भूमि पेडनेकर की हर फ़िल्म देती है एक मैसेज

 

भूमि पेडनेकर बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। साल 2015 में फ़िल्म ‘दम लगाके हईशा’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू करने वालीं भूमि ने इन तीन सालों में अपने पैर बॉलीवुड इंडस्ट्री में पूरी तरह जमा लिए हैं और तो और क्रिटिक्स की नज़रों में भी चढ़ गई हैं। उनके करियर ग्राफ की तो वो उनकी हाल ही में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘शुभ मंगल सावधान’ की तरह काफ़ी शुभ और मंगल है।

भूमि पेडनेकर ने इन दिनों आयुष्मान खुराना के साथ मिलकर अपनी फ़िल्म ‘शुभ मंगल सावधान’ को बड़े ही जोश के साथ प्रमोट किया। भूमि और आयुष्मान को आपने इससे पहले भूमि की डेब्यू फ़िल्म ‘दम लगाके हईशा’ में देखा होगा। भूमि की अदाकारी और फ़िल्मों को लेकर उनका चुनाव अन्य अभिनेत्रियों से काफ़ी अलग है।

भूमि ने एक्टिंग डेब्यू करने से पहले यश राज बैनर्स के तले असिस्टेंट कास्टिंग डायरेक्टर का काम किया था और वो भी पूरे छह सालों तक। कास्टिंग करने से लेकर खुद कास्ट बन जाने का भूमि का सफ़र काफ़ी दिलचस्प है। अब तक तीन फ़िल्में और तीनों फ़िल्मों में जनता को इन्होंने दिया है एक ख़ास मैसेज!

भूमि ने अपनी पहली फ़िल्म ‘दम लगाके हईशा’ के लिए 12 किलो वजन बढ़ाया था और फ़िल्म के रिलीज़ होने तक वो फिर से शेप में आ गई थीं। ‘दम लगाके हईशा’ के बाद भूमि को हमने अक्षय कुमार के साथ हाल ही में फ़िल्म ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ में भी देखा था। भूमि के निभाए गए किरदारों को ध्यान से देखा जाए तो आपको पता चलेगा कि उनका हर किरदार एक छोटे से गांव की आम लड़की का ही है जिसे भूमि ने हर बार बखूबी से निभाया है।

अपनी फ़िल्मों की चॉइस से भी काफ़ी तारीफ़ें बटोरती हैं। ‘दम लगाके हईशा’ में वो एक ऐसी लड़की का किरदार निभा रही थी जो कि काफ़ी मोटी है और उनकी शादी होती है अपने सपनो के राजकुमार जैसे दिखने वाले आयुष्मान खुराना से जो इस मोटी लड़की से बिल्कुल प्यार नहीं करता।

इसके बाद ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा” के ज़रिये अक्षय और भूमि ने स्वच्छता और हर घर में शौच जैसे गंभीर विषय को एक प्रेम कथा के ज़रिये पेश किया। ‘शुभ मंगल सावधान’ भी वैवाहिक जीवन में होने वाली परेशानियों की कहानी है, जिसे इस तरह आज तक किसी ने पेश नहीं किया है।

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