इन आयुर्वेदिक तरीकों से तेजी से कम करें पेट की चर्बी, जरूर आजमाए


 


कम वजन, अधिक वजन, पित्त और कफ आयुर्वेद के अनुसार दोषों के असंतुलन के लक्षण होते है। अधिक वजन या मोटापा कफ जैसे प्रकार के दोष मुख्यतः लोगों में अधिकतर पाये जाते है। हालांकि मोटापा लोगों में साथ ही साथ अन्य दो दोषों के साथ देखा जाता है। लोगों में वात दोष होने से अधिक वजन के बजाए कम वजन एक आम समस्या होती है। वजन घटाने के लिए अयुर्वेदरणनीति,प्रत्येक व्यक्ति के लिए उसके मन, शरीर और आत्मा के एक संपूर्णमूल्यांकन के बाद तैयार की जाती है।


यदि आप परहेज और आहार के लिए एक नियमित जीवन शैली का अनुसरण करेंगे तो आपकी चर्बी कम होगी। साथ पाचन शक्ति को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे जिंजर, पपीता, आम, अनानस और कड़वे तरबूज का सेवन करें।

ऐसे पाचन मे सुधार लाए : पूरे दिन गर्म पानी की घूँट लें,प्रतिदिन 2-3 बार अदरक की चाय पियें,सप्ताह में एक दिन उपवास रखे(आप तरल पदार्थ,फल और सब्जी का रस,गर्म दूध हल्का सूप, चाय , आदि ले सकते है) जड़ीबूटियों और मसालों का उपयोग जैसे जीरा, अदरक, सरसों के बीज, लाल मिर्च और कालीमिर्च उदारता के साथ आपके खाने में होना चाहिए।

मोटापे के इलाज के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटी
पाउडर या कैप्सूल के रूप में,गोटु कोला,अमालकी और शिलाजित जैसी जड़ीबुटी लें। दिन में दो से तीन बार,अदरक औरशहद के साथ एक चम्मच गुगलु लें। बराबर भागों में चित्रक(काला सीसा जीलोनिका),कुकती और त्रिकतु मिक्स करें,रोजाना गर्म पानी के साथ,हर्बल मिश्रण की आधा चम्मच लें। ये उपाय उनके दोषों के भले के लिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए निर्धारित किये जाते है।दोषों के प्रकारों पर आधारित हर्बल उपचार एकपेशेवर आयुर्वेदिक व्यवसायी की देखभाल के अंतर्गत लिये जाने चाहिए। यदि आप घर पर ही आयुर्वेदिक इलाज कर रहे हैं और आपके वजन मे सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है तो एक पेशेवर आयुर्वेदिक चिकित्सक से जांच करायें।

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