रावण औरतों के मन को जीतने के लिए कर रहा था ये काम, लेकिन इस सपने समेत ये 7 सपने रह गए अधूरे

 

 

दशहरा के त्यौहार नज़दीक है। अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में दशहरे को सेलिब्रेट किया जाता है। हमारे धर्मग्रंथों के मुताबिक इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम अत्याचारी रावण का वध किया था। लेकिन आपको बता दें कि हमारे धर्मग्रंथों के मुताबिक रावण महाज्ञानी था। महाज्ञानी रावण के कुछ ऐसे सपने थे जो वह पूरा नहीं कर पाया। आज हम आपको रावण के अधूरे सपनों के बारे में बताने जा रहे हैं।

-रावण बेहद काला था इसलिए वह मानव प्रजाति में जितने भी लोगों का रंग काला है उन्हें गोरा करना चाहता था। ताकि काले रंग के कारण को भी उन काले पुरुषों का अपमान न कर सके।

-रावण ने यूँ तो कई युद्ध लड़े और कई में जीत हासिल की तो कई युद्ध में हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन रावण बाली को हमेशा हराने का सपना देखता था जो अधूरा ही रह गया। कहा जाता है कि बाली ने रावण को पराजित किया था और वह उसे अपने बाजू में दबाकर समुद्रों की परिक्रमा भी किया करता था।

-रावण का यह अधूरा सपना कभी पूरा नहीं पाया। वह चाहता था कि सोने में सुगंध होनी चाहिए। साथ ही वह दुनियाभर के सोने पर खुद कब्जा जमाना चाहता था। सोना खोजने में कोई परेशानी नहीं हो इसलिए वो सोने में सुगंध डालना चाहता था।

-साथ ही रावण की एक इच्छा खून का रंग बदलने की थी। वह चाहता था कि खून का रंग लाल की बजाय सफेद हो जाए। उसने युद्ध में कई निर्दोष लोगों का खून बहाया था। इससे धरती खून से लाल हो गई थी। इसलिए वह चाहता था कि खून का रंग सफेद हो जाए ताकि पानी के साथ मिलकर उसके अत्याचार छुप जाए।

-रावण का यह सपना काफी चर्चित है। वह चाहता था कि स्वर्ग तक सीढ़ियां लगाई जाये। इसके पीछे भी उसके कई खोटे इरादे थे। वह चाहता था कि लोग भगवान को पूजने और अच्छे करने के बजाय उसकी अराधना शुरू करें, ताकि उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हो सके।

-वहीं रावण मदिरा प्रेमी था। इसलिए उसका सपना था कि वह मदिरा की दुर्गंध मिटा दें। कहा जाता है कि वह उस जमाने के विज्ञान और तकनीक का जानकार था। हालाँकि उसका यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाया।

-इसी तरह रावण समुद्रों का पानी मीठा करने की इच्छा रखता था। वह भगवान की पूजा के भी खिलाफ था। लेकिन इन्हीं दुर्गुणों की वजह से रावण का भयानक अंत हुआ।

 

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